न कर्ता • न भोक्ता • केवल महादेव
महादेव केवल देव नहीं, वे चेतना हैं।
वे भय, मृत्यु और समय से परे हैं।
जो उन्हें बाहर ढूंढता है, वह भटकता है।
जो उन्हें भीतर पाता है, वही शिव को जानता है।
ॐ – ब्रह्मांड की मूल ध्वनि
नमः – पूर्ण समर्पण
शिवाय – कल्याण स्वरूप को
जप संख्या: 0
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
“मैं झुकता नहीं किसी के आगे,
मैं बस महादेव के चरणों में गिरता हूँ।”
हर हर महादेव 🔱